Nepal Home Minister Sudan Gurung Video: नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस बीच उनका एक बयान सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। मामला उनके आधिकारिक काफिले को आम ट्रैफिक के लिए रास्ता देने से जुड़ा हुआ है। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से साफ कहा कि उनकी गाड़ी को रोकने या उसकी जांच करने में बिल्कुल भी हिचकिचाना नहीं चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पद से पहले कर्तव्य आता है और गृह मंत्री भी, सबसे पहले और सबसे बढ़कर, एक नागरिक ही है। सुदन गुरुंग ने नेपाल में हुए Gen Z आंदोलन में भी बड़ी भूमिका निभाई थी।
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क्या थी घटना?
सुदन गुरुंग का काफिला काठमांडू घाटी के बुटवल क्षेत्र में ट्रैफिक जाम में फंस जाता है। आमतौर नेपाल में वीआईपी मूवमेंट के दौरान सड़कें बंद कर दी जाती हैं, ट्रैफिक रोका जाता है और आम जनता को घंटों इंतजार करना पड़ता है। लेकिन, यहां कुछ अलग हुआ। मंत्री ने अपनी गाड़ी से बाहर निकलकर सुरक्षा अधिकारियों को आदेश दिया कि पहले आम नागरिकों की गाड़ियों को आगे बढ़ने दिया जाए। वो खुद सड़क पर खड़े होकर ट्रैफिक मैनेज करते नजर आए। इस साधारण से लगने वाले कदम ने लाखों लोगों के दिल जीत लिया।
'पद से पहले कर्तव्य'
सोशल मीडिया पर सुदन गुरुंग के इस कदम को जमकर सराहा गया था। इस घटना के बाद गृह मंत्री गुरुंग ने काठमांडू घाटी ट्रैफिक पुलिस कार्यालय का औचक निरीक्षण भी किया था। वहां उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया था कि मेरी गाड़ी को रोकने या उसकी जांच करने में बिल्कुल भी हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। पद से पहले कर्तव्य आता है। गृह मंत्री भी सबसे पहले और सबसे बढ़कर एक नागरिक ही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वीआईपी वाहनों को ऐसी विशेष सुविधा नहीं दी जानी चाहिए जो आम जनता को परेशानी में डाले।
Gen Z आंदोलन से उभरे गुरुंग
सुदन गुरुंग ने इस दौरान पुलिस को स्पष्ट आदेश दिया गया कि जरूरी सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड को कभी भी मंत्री या किसी भी वीआईपी के काफिले के लिए रोका ना जाए। गुरुंग नेपाल में हुए Gen Z आंदोलन से उभरे नेता है जिन्होंने पुरानी सत्ता व्यवस्था और विशेषाधिकारों के खिलाफ आवाज उठाई थी।
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